संदेश

जनवरी, 2025 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

कहानी साधू की पुत्री की

  गंगा नदी के किनारे एक साधु रहते थे। वे न केवल विद्वान थे बल्कि उनके पास जादुई शक्तियाँ भी थीं। एक दिन वे ध्यान में मग्न थे, तभी बाज की चोंच से एक चुहिया छूट कर उनके हाथों में आ गिरी। उसकी छोटी-सी पूँछ व काली चमकीली आँखें थीं। उन्हें वह बहुत अच्छी लगी पर घर ले जाने से पहले उन्होंने जादुई मंत्रों के प्रयोग से उसे एक लड़की में बदल दिया। वे उस लड़की को घर ले जाकर पत्नी से बोले- “तुम हमेशा से संतान चाहती थीं न, तो लो आज से यही हमारी पुत्री है, इसे पूरी देखभाल व स्नेह से पालो। साधु की पत्नी भी अपनी पुत्री को देख प्रसन्न हो उठी। वह उसे राजकुमारी की तरह पालने लगी। साल बीतते गए, नन्ही लड़की एक सुंदर युवती बन गई। जब वह अठारह वर्ष की हुई, तो साधु व उसकी पत्नी उसके लिए वर तलाशने लगे। साधु ने कहा- “मेरी बिटिया का विवाह ऐसे व्यक्ति से होना चाहिए, जो सबसे बड़ा हो। मेरे हिसाब से सूर्य ठीक रहेगा।” पत्नी ने भी हामी भरी। उन्होंने जादुई मंत्रों के प्रयोग से सूर्य को नीचे बुला लिया। उन्होंने उसे अपनी पुत्री से विवाह करने को कहा। पर पुत्री ने पहले ही न कर दी। वह बोली- ” पिताजी! यह तो बहुत गरम है। मैं ...